10 Best Hindi Novels In 2021 – सर्वश्रेष्ठ हिंदी उपन्यास

Published by Saurav Bhagat on

हेलो दोस्तों, आज मैं आपको 10 Best Hindi Novels के बारे में बताने वाला हूँ, जिसे आप पढ़कर ज़िंदगी के बारे में बहुत कुछ सीख पाएंगे।

आज आपको ऐसी novels के बारे में बताऊंगा जिसे पढ़कर आप बहुत कुछ सीख सकते हैं और इसे अपने जिंदगी में अपनाकर आप भी बहुत आगे तक जा सकते हैं।

Novels केवल entertainment, fun, या फिर time pass के लिए नहीं होते हैं। ऐसी बहुत सारी novels है जो आपको ज़िंदगी के बारे में बहुत कुछ बताती और सिखाती है।

आज मैं आपको ऐसे 10 Best Hindi Novels के बारे में बताने जा रहा हूँ, जिसे पढ़कर आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

Best Hindi Novels

1. गोदान (Godan)- प्रेमचंद

मुंशी प्रेमचंद” द्वारा लिखी यह उपन्यास सन्न 1936 में प्रकाशित किया गया था। गोदान का मतलब “एक गाय का उपहार” है, इस उपन्यास में आपको एक सुन्दर प्रेम नफरत के रिश्ते के बारे में बताया गया है।

यह कहानी भारतीय समुदाय के अलग-अलग वर्गों को प्रतिनिधित्व करता है। इस कहानी में मुख्य चरित्र हरि का है, जो आत्मनिर्भर और सामाजिक स्तर को ऊपर उठाने की आशा में गाय का मालिक बनना चाहता है।

गोदान प्रेमचंद के प्रमुख प्रसिद्ध में से एक है। यह उपन्यास बहुत ही गहराई में आजादी के पहले युग के दौरान आम-लोगों की दुर्दशा चर्चा करता है। ये उपन्यास खासकर किसानो पे लिखा गया है, जो निर्धारित ऋण के लेन-देन के चक्कर में उससे उभरना बहुत ही मुश्किल होता है।

2. मधुशाला (Madhushala)- हरिवंश राय बच्चन

कवि “हरिवंश राय बच्चन” के द्वारा लिखी यह उपन्यास को सन्न 1955 में प्रकाशित किया गया था। इस उपन्यास में 135 चार पंक्तियों वाली कविताएं शामिल है। जिस वजह से यह काफी प्रसिद्ध हुआ और बहुत ज्यादा मात्रा में बिकने में सफल हुआ।

मधुशाला में मधु का अर्थ मदिरा यानी की शराब है और शाला का अर्थ है वह स्थान जहां लोग बैठकर शराब पीते हैं। कवी ने इस किताब में मदिरा(शराब), साकी(शराब परोसने वाली), प्याला, मधुशाला और मदिरालय की उदाहरण लेकर जीवन की जटिलताओं के विस्लेषण की कोशिश की है।

जब मधुशाला को पहली बार प्रकाशित किया गया था तो बहुत सारे लोगों ने शराब की प्रशंसा को लेकर कवि की आलोचना की थी, लेकिन बाद में सब ठीक होने के बाद इस उपन्यास को बहुत ज्यादा पसंद किया गया।

3. यामा (Yama)- महादेवी वर्मा

इस उपन्यास को “महादेवी वर्मा” द्वारा लिखा गया है और यामा को सन्न 1936 में प्रकाशित किया गया था। इस उपन्यास में महादेवी वर्मा की काव्य यात्रा के चार आयाम नीहार, रशिम, नीरज, तथा सांध्यगीत शामिल है।

यामा उपन्यास के प्र्त्येक आयाम में नवीनता और विशिष्टा के बारे में बताया गया है। लेकिन विशेषकर मानवीकरण और प्र्त्येकमता पर ज्यादा ध्यान दिया गया है।

4. कामायनी (Kamayani)- जयशंकर प्रसाद

कामायनी उपन्यास को जयशंकर प्रसादके द्वारा लिखा गया है और इसे सन्न 1937 में प्रकाशित किया गया था। कामायनी एक ऐसा उपन्यास है जो हमेशा मानव जीवन के लिए प्रेरणा साबित हुआ है।

इस उपन्यास को जितना बार पढ़ा जाए उतना कम है क्यूंकि इसमें आपको हर बार नई चीज़ें सीखने को मिलती है। कवि जयशंकर प्रसाद ने अपने समय के समाजिक परिवेश और जीवन-मूल्यों जैसे चीज़ों का विश्लेषण किया है।

कामायनी पुस्तक हिंदी साहित्य में सबसे लोकप्रिय तथा विवादित और चर्चित उपन्यास रही है। कामायनी एक ऐसी उपन्यास है जो आज के समय में मानव जीवन को उसके समस्त परिवेश और परिष्तिथी के बारे में बताता है।

5. निर्मला (Nirmala)- प्रेमचंद

निर्मला उपन्यास “मुंशी प्रेमचंद” के द्वारा सन्न 1927 में रचित किया गया था। यह उपन्यास दहेज प्रथा और अनमेल विवाह के बुरे प्रभाव पर आधारित है।

यह उपन्यास विशेषकर महिलायें पर है और इस उपन्यास को महिला-केंद्रित साहित्य के इतिहास में विशेष स्थान भी मिला है।

इस उपन्यास में मुख्य पात्र निर्मला नाम की एक सुन्दर और सुशील लड़की की है। जिसका विवाह एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति से कर दिया जाता है इसके बाद निर्मला को समाज में अनादर और अवहेलना का शिकार होना पड़ता है और इसपे संदेह भी किया जाता है। लेकिन निर्मला का चरित्र बिलकुल साफ़ होता है।

निर्मला विपरीत परिस्थितयों से बहुत ज्यादा जूझती रही और इन्ही सब कारणों से निर्मला की मृत्यु हो जाती है। यह उपन्यास अनमेल विवाह और दहेज प्रथा की बेहद दुःखद कहानी है, और कवी ने इस उपन्यास के माध्यम से इन सब चीज़ों को सामने लाया है।

6. राग दरबारी (Raag Darbari )- श्रीलाल शुक्ल

रागदरबारी को हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार “श्रीलाल शुक्ल” के द्वारा लिखा गया है। इस उपन्यास का पहला प्रकाशन 1968 में हुआ था और इस पुस्तक के लिए श्रीलाल शुक्ल को साहित्य अकादमी का पुरस्कार भी दिया गया था।

यह उपन्यास गाँव की कथा के माध्यम से आधुनिक भारतीय जीवन की मूल्यहीनता को सहजता और निर्ममता से अनावृत करता है। इसमें शुरू से लेकर अंत तक बहुत सारे निस्संग और सोद्देश्य व्यंग्य लिखा गया है।

सन्न 1986 में इसे एक दूरदर्शन-धारावाहिक के रूप में लाया गया और इसे लाखों लोगों ने देखा और इसकी सराहना भी की गयी थी।

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7. चित्रलेखा (Chitralekha)- भगवती चरण वर्मा

चित्रलेखा उपन्यास को “भगवती चरण वर्मा” द्वारा लिखा गया है। यह किताब भगवती चरण वर्मा के द्वारा लिखा पहला उपन्यास है और इसे हिन्दी के उपन्यासों में बहुत सारी लोकप्रियता मिली है।

इस उपन्यास को पहली बार 1934 में प्रकाशित किया गया था और उस समय इसने कई सारे लोकप्रियता के कीर्तिमान बनाए थे। जिस कारण यह उपन्यास बहुत ज्यादा मात्रा में बिकी थी।

चित्रलेखा की कहानी  पाप और पुण्य की समस्या पर आधारित है। और इसमें वो सारे सावलों का जवाब दिया हुआ है जो पाप और पुण्य से संबंधित है।

8. वोल्गा से गंगा (Volga Se Ganga)- राहुल सांकृत्यायन

वोल्गा से गंगा “राहुल सांकृत्यायन” के द्वारा लिखा हुआ एक उपन्यास है। इस उपन्यास को मानवीय सभ्यता के विकास में घटी घटनाओं के बारे में बताती है।

इस उपन्यास में समाज के शुरुआती युग के मातृसत्तात्मक होने को प्रतिपादित करती है। और यह स्त्री के वर्चस्व की बेजोड़ रचना करती है।

“वोल्गा से गंगा” पुस्तक में कुल बीस कहानियां हैं और उनके बीच में कुछ सौ वर्षों का अंतराल दिया गया है। इन कहानियों के मध्य परिवर्तन विश्वसनीय बन रहता है।

9. गबन (Gaban)- प्रेमचंद

गबन प्रेमचंद द्वारा लिखी उपन्यास है। निर्मला के बाद ‘गबन’ प्रेमचंद का दूसरा यथार्थवादी उपन्यास है। गबन उपन्यास ‘महिलाओं का पति के जीवन पर प्रभाव’ पर आधारित है।

मुंशी प्रेमचन्द की यह उपन्यास एक विशेष चिन्ताकुल विषय से सम्बन्धित है, जिसमे बताया गया है की गहनों के प्रति पत्नी के लगाव के कारण पति के जीवन पर क्या-क्या प्रभाव पड़ता है।

इस उपन्यास में मध्यवर्ग परिवार का वास्तविक चित्रण किया गया है। यह उपन्यास जीवन की असलियत की छानबीन को अधिक गहराई से करता है और सभी भ्रम को भी तोड़ता है।

10. चंद्रकांता (Chandrakanta)- देवकी नंदन खत्री

चंद्रकांता उपन्यास को “देवकीनंदन खत्री” द्वारा सन्न 1888 में लिखा गया था। यह उपन्यास एक प्रेमकथा पर आधारित कहानी है।

इस कहानी में तिलिस्मी और ऐयारी के अनेक चमत्कार पाठक को चमकृत किया गया है। इस कहानी में मुख्य रूप से नौगढ़ के राजा के पुत्र वीरेंद्र सिंह और विजयगढ़ के राजा की पुत्री चंद्रकांता की भूमिका है।

अगर आपको चंद्रकांता के रचियता “देवकीनंदन खत्री” को अच्छे से समझना और जानना है तो फिर आपको इससे अच्छा कोई किताब नहीं मिल सकती।

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Conclusion :-

आज के इस पोस्ट में हमने 10 Best Hindi Novels के बारे में जानकारी दिया है और सभी उपन्यास के बारे में थोड़ो-थोड़ी जानकारी भी दिया है।

मुझे उम्मीद है की इस पोस्ट में बताये गए सभी उपन्यास आपको बहुत अच्छे लगेंगे और आप इन उपन्यास से बहुत कुछ सीख पाएंगे। ये सभी उपन्यास आपको ज़िंदगी के बारे बहुत कुछ सिखएगी।

अगर आप मुझे Best Hindi Novels के बारे में कुछ भी सुझाव देना चाहते हैं तो आप नीचे comments section में बता सकते हैं।

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Saurav Bhagat

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2 Comments

Aman · August 28, 2021 at 4:07 pm

Nice list, thanks for sharing.

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