SEBI Ka Full Form क्या है? – SEBI क्या है और यह कैसे काम करता है?

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हेलो दोस्तों, आज मैं आपको SEBI Full Form, SEBI ka full form, SEBI long form, SEBI full form in hindi, SEBI meaning in hindi, SEBI क्या है, SEBI की शुरुआत, SEBI के कार्य, इत्यादि के बारे में बताने वाला हूँ।

अगर आप निवेश करते होंगे तो आपको SEBI के बारे में जानकारी होगी लेकिन कुछ ऐसे भी लोग होंगे जो निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं या अभी निवेश नहीं कर रहे होंगे तो उनलोगों को SEBI के बारे में जानना बहुत ही जरुरी है।

SEBI भारत सरकार के द्वारा शुरू की गयी एक प्रकार की संस्था है जो निवेशकों के लिए रक्षा प्रदान करता है और साथ ही निवेशकों को उत्तम संरक्षण देने में सहायता प्रदान भी करता है।

आपमें से ऐसे बहुत सारे लोग होंगे जिन्हें SEBI का फुल फॉर्म पता होगा और साथ ही SEBI के बारे में बहुत कुछ पता भी होगा लेकिन फिर भी ऐसे बहुत सारे लोग होंगे जिन्हें इन सभी के बारे में ज्यादा अच्छे से पता नहीं होता है।

अगर आपको भी SEBI के बारे में पूरी जानकारी नहीं है तो कोई बात नहीं क्यूंकि आज मैं आपको SEBI full form के अलावा इनसे जुड़ी सारी जानकारी बताने वाला हूँ।

इसलिए आप इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक पूरा पढ़िए ताकि आपको SEBI के बारे में सारी जानकारी अच्छे से पता चल सकें।

SEBI Ka Full Form

SEBI Ka Full Form क्या है?(SEBI Meaning)

SEBI का फुल फॉर्म “Securities and Exchange Board of India” होता है। SEBI को हिंदी में “भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड” बोला जाता है।

SEBI Full Form In English

SEBI का फुल फॉर्म “Securities and Exchange Board of India Bank होता है।

S – Securities

E – Exchange

B – Board of

I – India

◆ What is the full form of SEBI? – Full Form of SEBI is “Securities and Exchange Board of India

SEBI Full Form In Hindi

SEBI का फुल फॉर्म हिंदी में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड होता है।

SEBI क्या है? (SEBI kya hai)

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Security Exchange Board Of India) एक प्रतिभूति और वित्त का नियामक बोर्ड है। जो निवेशकों के हितों की रक्षा करने और निवेशकों को उत्तम संरक्षण देने में सहायता प्रदान करती है।

SEBI की स्थापना 12 अप्रैल 1988 में हुई और सेबी अधिनियम 1992 के तहत 30 जनवरी 1992 को वैधानिक मान्यता प्राप्त हुई।

SEBI का मुख्यालय मुंबई में स्थित है और इसके क्षेत्रीय कार्यालय नई दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और अहमदाबाद में स्थित है।

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SEBI की शुरुआत कब हुयी थी?

SEBI की स्थापना 12 अप्रैल 1988 में भारत सरकार द्वारा की गई गई थी लेकिन 30 जनवरी 1992 को भारत सरकार ने संसद में सेबी अधिनियम (SEBI Act) 1992 पारित करके SEBI को संवैधानिक अधिकार दिया।

SEBI ने अपनी शुरुआत 7.5 करोड़ रूपए से की थी और यह रूपए तीन प्रमुख कंपनी IDBI, ICICI, और IRCI के द्वारा दी गयी थी।

SEBI के अस्तित्व से पहले, पूंजी मुद्दों का नियंत्रक नियामक प्राधिकरण था, जिसे पूंजी मुद्दे (नियंत्रण) अधिनियम, 1947 के तहत अधिकार दिया गया था।

SEBI के कार्य क्या है?(Functions of SEBI)

SEBI के निम्नलिखित कार्य हैं –

  • SEBI का कार्य अपनी हितों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी लेता है की निवेशक किसी भी शेयर बाजार धोखाधड़ी या हेरफेर के शिकार ना बन सकें।
  • SEBI का कार्य आरंभिक सार्वजनिक पेशकश(IPO) और अनुवर्ती सार्वजनिक प्रस्ताव(FPO) सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से जारी करना है।
  • SEBI वित्तीय मध्यस्थों की हर गतिविधि पर नजर रखता है जिसके अंदर दलाल(brokers) , उप-दलाल, एनबीएफसी, आदि शामिल होते हैं।
  • SEBI शेयर बाजार में मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है और यह सुनिश्चित करता है कि सभी बाजार लेन-देन के मामले में सुरक्षित और सुचारू रूप से हो सकें।

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SEBI की शक्तियां क्या है?(Powers of SEBI)

SEBI की शक्तियां कुछ इस प्रकार हैं –

  • SEBI पूँजी बाजार में पारदर्शिता, निष्पक्षता , जवाब देही और विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है।
  • SEBI वित्तीय मध्यस्थों के लिए खातों की पुस्तकों का निरीक्षण करता है।
  • SEBI अनैतिक और धोखा-धड़ी व्यापार प्रथाओं के मामले में सत्तारुढ़ निर्णय पारित कर सकता है।
  • SEBI किसी भी कंपनी को एक से अधिक स्टॉक एक्सचेंज पर अपने शेयरों को सूचीबद्ध करने के लिए कह सकता है।
  • SEBI अनियमितताओं की जांच के लिए किसी भी स्टॉक एक्सचेंज के खातों की पुस्तकों का निरीक्षण कर सकता है।

SEBI का उद्देश्य क्या है?

SEBI के कुछ उद्देश्य इस प्रकार हैं –

  • SEBI सटीक जानकारी की सुरक्षा और आपूर्ति प्रदान करता है जिसे नियमित आधार पर बनाए रखा जाता है।
  • SEBI एक बाज़ार प्रदान करता है जिसका उपयोग धन जुटाने के लिए किया जा सकता है।
  • SEBI उचित बुनियादी ढांचे की व्यवस्था करके बिचौलियों के लिए एक प्रतिस्पर्धी बाजार प्रदान करता है।

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SEBI से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी :-

  • SEBI के अध्यक्ष का कार्यकाल 5 वर्ष तक का होता है।
  • SEBI के अध्यक्ष का चयन भारत सरकार के द्वारा किया जाता है।
  • इसमें एक सदस्य रिजर्व बैंक का होता है जो पूर्णकालिक सदस्य होता है।
  • इसमें एक सदस्य कानून मंत्रालय का होता है, और ये भी पूर्ण कालिक होता है।
  • SEBI मे दो सदस्य वित्त मंत्रालय के होते हैं और ये सदस्य पूर्ण कालिक होते हैं।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q. SEBI का Full Form क्या है?

Ans: SEBI का फुल फॉर्म “Securities and Exchange Board of India” है।

Q. SEBI की स्थापना कब हुई थी?

Ans: SEBI की स्थापना 12 April 1992 में हुई थी।

Q. SEBI का मुख्यालय कहाँ है?

Ans: SEBI का मुख्यालय मुंबई में स्थित है।

Q. SEBI के अध्यक्ष कौन है?

Ans: अभी के समय(2022) SEBI के अध्यक्ष ‘Ajay Tyagi’ हैं।

Q. SEBI के अध्यक्ष का कार्यकाल कितना होता है?

Ans: SEBI अध्यक्ष का कार्यकाल पांच वर्ष की अवधि तक होती है।

आज आपने क्या सीखा

आज के इस आर्टिकल में हमनें SEBI के बारे में बहुत कुछ जाना है, हमने SEBI Full Form, SEBI ka full form, SEBI long form, SEBI full form in hindi, SEBI meaning in hindi, SEBI क्या है, SEBI की शुरुआत, SEBI के कार्य, इत्यादि के बारे में बात किया है।

मुझे उम्मीद है की इस आर्टिकल में बतायी गयी सारी बातें आपको अच्छी लगी होगीं और सब कुछ समझ आ गया होगा। इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको के बारे में सब कुछ पता चल गया होगा।

अगर आप मुझसे SEBI से रिलेटेड कोई सवाल पूछना चाहते हैं तो नीचे comment कर के पूछ सकते हैं और अगर कोई सुझाब हो तो भी आप बता सकते हैं।

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