Web Hosting क्या है? – What Is Web Hosting In Hindi

Published by Saurav Bhagat on

आज के इस आर्टिकल में आप बहुत कुछ सीखने वाले हैं जैसे – hosting Kya hai, hosting meaning in hindi, web hosting in hindi, होस्टिंग के प्रकार, होस्टिंग कैसे काम करता है, Web Hosting की विशेषताएं, इत्यादि।

अगर आप एक ब्लॉग या वेबसाइट बनना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले सीखना होगा की वेबसाइट कैसे बनाये जाते हैं और एक वेबसाइट या ब्लॉग बनाने के लिए किन किन चीज़ों का प्रयोग किया जाता है।

अगर आप टेक्निकल फील्ड से जुड़े हैं तो आपने वेब होस्टिंग और सर्वर का नाम कई बार सुने होंगे और बहुत लोगो को इनके बारे में पता भी होगा। लेकिन ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिन्हें वेब होस्टिंग के बारे में कुछ भी पता नहीं होता है।

इसलिए आज मैं आपको वेब होस्टिंग से संबंधित सारी जानकारी पुरे विस्तार में बताने वाला हूँ ताकि आपको होस्टिंग से रिलेटेड सारी जानकारी अच्छे से प्राप्त हो सकें।

अगर आपमें से कोई वेबसाइट और ब्लॉग बनाने की सोच रहें है तो आपको सबसे पहले दो चीज़ों की जरुरत पड़ने वाली है एक तो डोमेन नेम और दूसरा वेब होस्टिंग।

मैंने इससे पहले के पोस्ट में डोमेन नेम से रिलेटेड सारी जानकारी बताया था और आज मैं आपको वेब होस्टिंग से सम्बंधित सारी जानकारी बताने वाला हूँ।

इसलिए आप इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक पूरा पढ़िए ताकि आपको वेब होस्टिंग के बारे में सभी बातें पता चल सकें और आप ये भी समझ पाएंगे की वेबसाइट या ब्लॉग कैसे बनाये जाते हैं।

 Web Hosting In Hindi

Web Hosting क्या है (Web Hosting In Hindi) :-

वेब होस्टिंग आपके वेबसाइट के सारे डाटा को एक जगह पर स्टोर करने की जगह होती है। वेब होस्टिंग एक ऐसी जगह होती है जहाँ सभी वेबसाइट के फाइल्स और डाटा मौजूद होते हैं।

वेब होस्टिंग आपके वेबसाइट के फाइल्स के लिए जगह प्रदान करती है जहाँ पे आपके वेबसाइट की content, images, और videos, आदि के फाइल्स स्टोर रहते हैं।

जब भी आप वेबसाइट और ब्लॉग बनाने की सोचते हैं तो आपको सबसे पहले वेबसाइट की नाम रखनी होती है, जिसके लिए डोमेन नेम की जरुरत होती है।

फिर इसके बाद जब आप वेबसाइट और ब्लॉग पे कई सारे कंटेंट लिखते है, इमेजेज और वीडियोस लगाते हैं तो इसमें बहुत सारे फाइल्स बन जाते हैं और इसे ही स्टोर करने के लिए होस्टिंग की जरुरत पड़ती है।

वेब होस्टिंग के लिए एक पावरफुल सर्वर की जरुरत होती है जी हमेशा इंटरनेट से कनेक्ट हो ताकि वेबसाइट हमेशा यूजर के लिए उपलब्ध रह सकें।

एक पावरफुल सर्वर के लिए हमें होस्टिंग खरीदनी होती है। और इसे प्रोवाइड करने के लिए इंटरनेट पर बहुत सारी होस्टिंग की वेबसाइट मौजूद है जिन्हें आप पैसे देकर होस्टिंग खरीद सकते हैं।

Web Hosting के प्रकार :-

Web hosting कई प्रकार के होते हैं लेकिन मैं आपको सिर्फ कुछ महत्वपूर्ण और काम के ही वेब होस्टिंग के बारे में बताऊंगा ताकि आप सब कुछ आसानी से समझ सकें।

वेब होस्टिंग मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं जिनके नाम कुछ इस प्रकार हैं –

  • Shared web Hosting
  • Dedicated Hosting
  • VPS (Virtual Private Server)
  • Cloud Web Hosting

चलिए अब इन्हे एक-एक करके अच्छे से और विस्तार से समझते हैं।

1. Shared Web Hosting –

Shared web hosting एक ऐसी होस्टिंग होती है जहाँ एक सर्वर पे ही बहुत सारे वेबसाइट के फाइल्स और डाटा स्टोर होते हैं। जैसा की इसके नाम से ही लग रहा होगा की इस प्रकार की होस्टिंग बहुत सारे वेबसाइट के साथ शेयर होती है।

इस प्रकार की होस्टिंग उनलोगो के लिए बहुत ही फायदेमंद है जिसने ब्लॉग्गिंग करना शुरू ही किया हो और जिसकी वेबसाइट नयी हो और उन वेबसाइट पे ज्यादा लोग विजिट नही करते हो।

Shared web hosting बाकी सभी प्रकार की होस्टिंग के तुलना में काफी सस्ती है क्यूंकि यहां एक ही सर्वर पे बहुत सारे वेबसाइट के स्पेस, फाइल, और डाटा मौजूद होते हैं।

अगर आपके वेबसाइट पे अचानक से ज्यादा लोग आने लगे तो आपका वेबसाइट डाउन जा सकता है क्यूंकि इस प्रकार की होस्टिंग में उतनी ज्यादा क्षमता नहीं होती है।

यह होस्टिंग आपके लिए तभी तक सही है जब आपके वेबसाइट पे ज्यादा लोग नहीं विजिट कर रहे हो लेकिन जैसे ही आपके वेबसाइट पे ज्यादा लोग आना शरू हो जाए तो आपको दूसरे होस्टिंग की तरफ जाना चाहिए।

2. Dedicated Hosting –

Dedicated Hosting एक ऐसी होस्टिंग है जहाँ आपको एक पूरा सर्वर ही दे दिया जाता है और इस सर्वर पे केवल आपका ही अधिकार होता है।

इस प्रकार की सर्वर में कोई शेयरिंग नहीं होता है जिस वजह से यह बहुत ही तेज़ सर्वर होता है। और ये होस्टिंग शेयर्ड होस्टिंग के मुकाबले बहुत ही महंगा भी होता है।

जैसा की यह होस्टिंग आपको एक पूरा सर्वर ही दे देता है जिस वजह से यह आपके वेबसाइट लिए बहुत ही अच्छा है। इस होस्टिंग की सबसे ख़ास बात है की आपके वेबसाइट पे एक बार में ज्यादा से ज्यादा लोग विजिट करने के वाबजूद भी वेबसाइट डाउन नहीं जाती है।

इस तरह की होस्टिंग उनलोगों के लिए बहुत ही फायदेमंद है जिनके वेबसाइट पे हर दिन बहुत ज्यादा लोग विजिट करते हैं। अगर आपके भी वेबसाइट पे अच्छे-खासे विजिटर हर दिन आ रहें तो आपको भी डेडिकेटेड होस्टिंग का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

3. Virtual Private Servers (VPS) –

VPS होस्टिंग एक प्रकार से Shared Web Hosting और Dedicated Hosting का कॉम्बिनेशन होता है। क्यूंकि यह आपको एक डेडिकेटेड सर्वर तो देता है लेकिन इस सर्वर को कई वर्चुअल सर्वर में बाँट दिया जाता है।

VPS एक वर्चुअल सर्वर होता है जो एक सर्वर को ही कई सारे वर्चुअल सर्वर में बांटता है और सभी एक वेबसाइट के लिए अलग-अलग सर्वर बांटता है।

यह होस्टिंग शेयर्ड होस्टिंग के मुकाबले महंगा होता है क्यूंकि यहां पे आपको Storage, Bandwidth, Uptime जैसी सुविधा शेयर्ड होस्टिंग के तुलना में ज्यादा मिलती है।

आपके जानकारी के लिए बता दूँ की इस प्रकार की होस्टिंग में भी कुछ चीज़े लिमिटेड ही मिलती है। इसलिए इसे शेयर्ड होस्टिंग से तो अच्छा कह सकते हैं लेकिन डेडिकेटेड होस्टिंग से बेहतर नहीं है।

4. Cloud Web Hosting –

Cloud Web होस्टिंग Dedicated और VPS होस्टिंग की तुलना में ज्यादा बेहतर होता है क्यूंकि क्लाउड वेब होस्टिंग में आपको इन दोनों होस्टिंग की तुलना में ज्यादा स्टोरेज और बाकी सभी फीचर्स ज्यादा मिलते हैं।

अगर आपके वेबसाइट पे अलग-अलग देशो से बहुत सारे ट्राफिक आ रहें है तो यह होस्टिंग आपके लिए सबसे बेहतर होगा। क्यूंकि Cloud होस्टिंग सर्वर एक समूह के जैसे काम करता है और अलग-अलग जगहों पर इसके सर्वर मौजूद होते हैं जिस वजह से यह आपके वेबसाइट के लिए बहुत ही फायदेमंद रहता है।

Cloud Web होस्टिंग की वजह से आपके वेबसाइट के स्पीड और परफॉरमेंस दोनों ही बेहतर तरीकों से काम करता है। अगर आपके वेबसाइट पे बहुत ज्यादा ट्रैफिक भी आता है तो आपकी वेबसाइट की स्पीड अच्छी रहती है।

जब यह होस्टिंग नई नई आयी थी तो यह बहुत ही महंगा था लेकिन अब इसका प्राइस पहले के मुकाबले बहुत ही काम हो चूका है।

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Web Hosting कैसे काम करता है :-

जैसा की मैंने आपको बताया की वेब होस्टिंग की मदद से आप अपने वेबसाइट के content, images और videos जैसे फाइल्स को एक जगह स्टोर रख सकते हैं।

वेब होस्टिंग आपको सुविधा देता है अपने वेबसाइट के सारे फाइल्स को एक जगह पे स्टोर रखने की और वेब होस्टिंग पे ही आपकी वेबसाइट स्टोर रहती है।

जब भी कोई यूजर अपने वेब ब्राउज़र (Google chrome, Mozilla Firefox, opera) पर डोमेन नेम या वेबसाइट की यूआरएल लिखता है तो फिर उसके बाद इंटरनेट उस डोमेन नेम या यूआरएल को उस वेब सर्वर से जोड़ता है जहाँ वेबसाइट का सारा डाटा पहले से ही स्टोर कर के रखा होता है।

जैसे ही इंटरनेट डोमेन नेम को वेब सर्वर से जोड़ता है तो उसके बाद वेबसाइट का सारा इनफार्मेशन यूजर के पास पहुँच जाता है। अब वो यूजर वेबसाइट को बहुत ही आसानी से देख सकता है और सभी तरह की जानकारी प्राप्त कर सकता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की DNS जिसका मतलब होता है Domain Name System और इसी की मदद से डोमेन नेम को होस्टिंग से जोड़ा जाता है। डंस से डोमेन नेम को पता चल पाता है की वेबसाइट किस सर्वर पे स्टोर कर के रखा गया है।

Web Hosting की विशेषताएं :-

वेब होस्टिंग के बहुत सारे विशेषताएं हैं लेकिन कुछ विशेषताएं बहुत ही महत्वपूर्ण होती है जिन्हें आपको होस्टिंग खरीदते वक़्त ध्यान रखना बहुत ही जरुरी है।

मैं आपको कुछ ऐसे ही Web Hosting की महत्वपूर्ण विशेषताएं बताने वाला हूँ। अब ये विशेषताएं अलग-अलग वेब होस्टिंग कंपनी और प्लान के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

1. Bandwidth –

Bandwidth का काम होता है किसी एक निश्चित समय में आपके वेबसाइट के कितने डाटा को एक्सेस किया जा सकता है। जब कोई आपके वेबसाइट पे विजिट करता है तो web server कुछ data का इस्तेमाल करके उसे information प्रदान करता है।

अगर आपकी वेब होस्टिंग की बैंडविड्थ ज्यादा है तो आपके वेबसाइट पर एक बार में ही ज्यादा से ज्यादा लोग आ सकते हैं लेकिन बैंडविड्थ कम हुआ तो आपकी वेबसाइट डाउन जा सकती है।

2. Uptime –

आपकी वेबसाइट कितने देर तक ऑनलाइन या फिर इंटरनेट पे मौजूद होती है और यह वेब होस्टिंग के अपटाइम पे निर्भर करती है। कभी-कभी कोई समस्या आ जाने के बाद आपकी वेबसाइट खुल नहीं पाती है।

आज के समय में सभी होस्टिंग कंपनी 99.99% तक की uptime की guarantee देती है। जिसका मतलब यह है की आपकी वेबसाइट हमेशा इंटरनेट पे मौजूद रहेगी।

3. Disk Space –

वेब होस्टिंग में आपके वेबसाइट के फाइल्स को स्टोर करने के लिए जितना स्टोरेज दिया जाता है उसे ही Disk Space कहा जाता है। जैसे आपके कंप्यूटर और फ़ोन में स्टोरेज दिया जाता है ठीक वैसे ही होस्टिंग भी फाइल्स को स्टोर करने के लिए स्टोरेज प्रदान करती है।

आपको होस्टिंग खरीदते वक़्त ध्यान रखना चाहिए की आप जिस भी प्रकार की होस्टिंग खरीद रहें है उनमे कितने डिस्क स्पेस दिए जा रहे है। और आपको कोशिश करनी चाहिए की होस्टिंग अनलिमिटेड स्पेस वाली ही हो।

4. Customer service –

सभी होस्टिंग कंपनी के अलग-अलग कस्टमर सर्विसेज होते हैं और सभी के अपने-अपने रूल बने होते हैं। इसलिए आप जब भी होस्टिंग ख़रीदे तो उनके कस्टमर सर्विसेज को एक बार जरूर चेक कर लें।

आपको कस्टमर सर्विस को चेक करने वक़्त देखना है की क्या आप जिन कंपनी से होस्टिंग ले रहे हैं क्या वह आपकी मदद के लिए उपलब्ध रहते है या नहीं, क्या आप उन्हें फ़ोन कर सकते हैं या नहीं, क्या लाइव चैट की सुविधा है या नहीं, क्या आप उनसे जीमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते है या नहीं, इत्यादि।

अगर ऊपर बताये गए सारे सुविधा किसी होस्टिंग कंपनी में उपलब्ध हैं तो आप वहां से होस्टिंग खरीद सकते हैं। ऊपर बताये सारे सुविधा उपलब्ध होने जरुरी है ताकि आपको होस्टिंग से रिलेटेड कोई समस्या आये तो आसनी से उसका समाधान निकाला जा सकें।

5. Backups –

ये बहुत ही जरुरी है की आप जिस भी कंपनी से होस्टिंग ले रहें हैं उनके पास बैकअप की सुविधा है या नहीं। आपको भी पता होगा की आज के समय में सभी चीज़ों को बैकअप लेकर चलना कितना जरुरी हो चूका है।

कभी-कभी कंप्यूटर में कोई कोई फाइल्स डिलीट हो जाती है जिस वाजा से आपका सारा डाटा बर्बाद हो जाता है। ठीक इसी प्रकार आपके वेबसाइट का भी डाटा लॉस्ट हो सकता है इसलिए वेबसाइट का समय-समय पे बैकअप लेना बहुत ही जरुरी हो जाता है।

इसलिए आप जब भी होस्टिंग ख़रीदे तो इसका ध्यान जरूर रखें की आपको Backups की सुविधा दिया जा रहा है या नहीं।

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Web Hosting कहाँ से खरीदे :-

अगर आप वेब होस्टिंग खरीदना चाहते हैं तो आपको इंटरनेट पे बहुत सारे ऐसे वेबसाइट मिल जाएंगे जहाँ से आप वेब होस्टिंग आसनी से खरीद सकते हैं।

तो चलिए कुछ वेब होस्टिंग प्रोवाइडर के नाम जान लेते हैं जहाँ आप आसानी से होस्टिंग खरीद सकते हैं –

आप होस्टिंग खरीदने के लिए अपने एटीएम कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर पैसे लेन-देन करने वाले कुछ आप्लिकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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Web Hosting और Domain में क्या अंतर है :-

वेब होस्टिंग और डोमेन नेम में बहुत ज्यादा अंतर होता है और यह दोनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग-अलग होते हैं। ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हे इन दोनों के बीच confusion रहता है।

डोमेन नेम किसी भी वेबसाइट का address होता है वहीं वेब होस्टिंग उस वेबसाइट के डाटा और फाइल्स को स्टोर करके रखने वाली जगह होती है।

अगर आसान शब्दों में कहा जाए तो, डोमेन नेम आपके घर के पता जैसा है जबकि वेब होस्टिंग आपके घर के अंदर बने कमरे जैसा है जहाँ आप सभी तरह के सामान रखते हैं।

डोमेन नेम की मदद से आप अपने वेबसाइट का नाम निर्धारित कर सकते हैं। और वेब होस्टिंग आपके वेबसाइट के अंदर content, images और videos जैसे फाइल्स को स्टोर रखने का काम करती है।

मुझे उम्मीद है की अब आपको वेब होस्टिंग (Web Hosting In Hindi) और डोमेन नेम के बीच का अंतर अच्छे से समझ आ गया होगा।

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आज आपने क्या सीखा :-

आज के इस पोस्ट में आपने वेब होस्टिंग के बारे में बहुत कुछ सीखा होगा जैसे- वेब होस्टिंग क्या है, web hosting meaning in hindi, hosting meaning in hindi, Web Hosting कैसे काम करता है, Web Hosting के प्रकार, इत्यादि।

मुझे उम्मीद हैं की आपको Web Hosting In Hindi के बारे में सारी जानकारी अच्छे से समझ आ गए होंगे और आपको वेब होस्टिंग से संबंधित सारे प्रश्नो के जवाब भी मिल गए होंगे।

अगर आप मुझसे वेब होस्टिंग से सम्बंधित कुछ भी पूछना चाहते हैं तो आप नीचे Comments Section में पूछ सकते हैं।

अगर आपको हमारा यह पोस्ट अच्छा लगा हो और हर बार की तरह कुछ नया सिखने को मिला हो तो आप इस पोस्ट को अपने सोशल मीडिया अकाउंट और अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।


Saurav Bhagat

I am a passionate Blogger, Content Writer, SEO expert, and Freelancers.

2 Comments

Ranjan · September 21, 2021 at 4:13 pm

Web hosting ke baare me bahut hi shaandar jaankari hai.
Thanks for sharing,

    Saurav Bhagat · September 22, 2021 at 10:57 am

    Thanks for your appreciation.
    Keep visiting our blog.

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