ICSE एक प्राइवेट शैक्षिक बोर्ड है और इसे एक निजी, गैर-सरकारी बोर्ड माना जाता है।

ICSE का पूरा नाम “Indian Certificate of Secondary Education“ है। 

ICSE बोर्ड को हिंदी में “माध्यमिक शिक्षा के भारतीय प्रमाण पत्र” के नाम से जाना जाता है।

ICSE बोर्ड की स्थापना साल 1958 में Cambridge University के द्वारा की गयी थी।

ICSE बोर्ड के अध्यक्ष G. Immanuel है और मुख्य कार्यकारी और सचिव Gerry Arathoon हैं।

ICSE बोर्ड भी CBSE बोर्ड की तरह हर साल कक्षा 10 वीं और 12 वीं के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा आयोजित करती है।

ICSE बोर्ड मूल रूप से भारत का नहीं हैं, जिस कारण यह सीबीएसई से और राज्य बोर्ड की तुलना में बहुत अलग है।

भारत में क्लास 12th तक तीन तरह की बोर्ड है उनमें से ही एक ICSE बोर्ड भी है और इस बोर्ड में केवल इंग्लिश मध्यम में पढ़ाई होती है।

ICSE बोर्ड में थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल नॉलेज पर ध्यान दिया जाता है और ये बोर्ड बाकी सभी बोर्ड की तुलना में कठिन भी होता है।