KYC एक प्रकार की आइडेंटिफिकेशन होती है जिसकी मदद से किसी भी व्यक्ति की पहचान बहुत ही आसनी से की जा सकती है।

KYC का पूरा नाम 'Know Your Customer' होता है। 

KYC की शुरुआत भारत में RBI के द्वारा 2002 में की गयी थी और 2004 में सभी बैंक के खाताधारकों के लिए KYC अनिवार्य कर दिए गए।

KYC के दो प्रकार होते हैं एक (EKYC) Electronic Know Your Customer और दूसरा (CKYC) Central Know Your Customer. 

KYC करवाने के लिए कुछ डाक्यूमेंट्स की जरुरत होती है जैसे - आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आदि।

KYC करवाने से आप सभी तरह की धोखा-धड़ी और चोरी से बच सकते हैं और यह बिल्कुल फ्री प्रोसेस है।

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