NTSE एक राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली एक छात्रवृत्ति एग्जाम है जिसे क्लास 10th के स्टूडेंट्स के लिए आयोजित किया जाता है।

NTSE का पूरा नाम 'National Talent Search Examination' होता है।

NTSE को हिंदी में 'राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा' के नाम से जाना जाता है।

NTSE परीक्षा की शुरुआत साल 1961 में हुयी थी और इस परीक्षा का मकसद क्लास 10th के बाद आगे पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देना है।

NTSE की परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाती है और स्कॉलरशिप प्राप्त करने के लिए दोनों परीक्षा पास करनी पड़ती है।

NTSE की परीक्षा में दो पेपर होते हैं जिनमे मानसिक क्षमता परीक्षण (MAT) और शैक्षिक योग्यता टेस्ट (SAT) शामिल होते हैं।

MAT में रीज़निंग जैसे सवाल पूछे जाते हैं और SAT के अंदर साइंस, सोशल-साइंस, और मैथमेटिक्स के प्रश्न होते हैं।

MAT और SAT दोनों पेपर में 100 प्रश्न पूछे जाते हैं और दोनों पेपर 100 नंबर के भी होते हैं।

NTSE परीक्षा के प्रश्न NCERT के बुक पर आधारित होती है और इस परीक्षा को भी NCERT के द्वारा ही आयोजित की जाती है।

NTSE की परीक्षा हर साल लाखो स्टूडेंट्स देते हैं जिनमे से केवल 5000 स्टूडेंट्स को ही दूसरे चरण की परीक्षा के लिए चुना जाता है। 

दूसरे चरण में शामिल होने वाले 5000 स्टूडेंट्स में से केवल 1000 स्टूडेंट्स को ही चुना जाता है और उसे ही स्कॉलरशिप दी जाती थी। 

NTSE को दोनों परीक्षा पास करने के बाद क्लास 11th और 12th के लिए स्टूडेंट्स को 1250 रूपए प्रति महीने की स्कॉलरशिप दी जाती है। 

इस परीक्षा को पास करने के बाद ग्रेजुएशन के लिए स्टूडेंट्स को 2000 रूपए प्रति महीने की स्कॉलरशिप दी जाती है। 

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